तनाव मुक्त रहें

हंसे, मुस्कराएं, ठहाके लगाएं (जोक्स पढ़ें, .… )
पुरानी मीठी बातें याद करे (जैसे कि पहली मुलाकात, …. )
बिना जलन वाला, सादा भोजन करें (दही, दूध, मठ्ठा जादा लें …. )
कला में रूचि लें (पेंटिंग नृत्य नाटक …. )
गाना सुने व गुनगुनाएं (बेसुरा भी चलेगा …. )
प्रकृति से प्यार करें (फूल लें, फूल दें, fool बनाएं गे तो भी चलेगा, बाग़ बगीचा देखें …. )
सुंदर देखें, सुंदर दिखें, सुंदर रहें (तन से भी, मन से भी …. )
आध्यात्म सुनें, समझें, समझाएं (पत्नियां पति को समझाएं, पति पत्नियों को न समझाएं, …. )
अकेले न रहें, हंसमुख लोगों साथ उठे बैठें, बतियाएं (gossip करें, …. )

तनाव मुक्त रहें !

Be Happy

He has house worth millions dollar, still he is not happy. He has house but not people in house. Every member of house is in his own cell. He is alone. No-one is happy being alone. You get happiness when there are people around you. Like minded people as well as people with difference.

So, let house be big or small, but have your family and friends with you. You can have events. Invite all loved ones. Be together. Love each other.

Be Happy.

खुश कैसे रहें

सुना है उसके पास करोड़ों रूपए का घर हैं, फिर भी वह खुश नहीं है । घर है पर घरवाले घर में नहीं है । सब दूर अपने अपने घरों में हैं । और वह अकेला है । अकेले में कौन सी ख़ुशी ! खुशी तो मेले में मिलती है, ऐसे मेले में जिसमे दिल मिलें, दिलवाले मिलें, प्यार मिलें, प्यार वाले मिलें ।

घर छोटा ही क्यों न हो, पर उसमे मेला हो, तो खुशियां जरूर मिलेंगी । मेला लगाइए अपने घर में, रोज नहीं तो कभी कभी ।

खुश रहें !

Happiness Mantra

Don’t ARGUE too much.

Life moves by LOVE, not by arguments.

Keep arguments away. If someone says Earth is square in shape, you may not agree and you should not agree but you should not argue too. Avoid it. Just say, ‘may be, you may be correct’ and move out of such discussion.

My FB sister Meenakshi says that if there are two different views then to avoid conflicts at least one should become silent. And the one, who becomes silent, will be wise. So be wise, avoid arguments, become silent and be happy.

Avoid arguments, be Happy.

उड़ान भरो

नए वर्ष में सुबह उठा तो देखा चिड़िया अपने बच्चे की चोंच में दाना डाल रही थी । बच्चे चहक रहे थे । मन को रोक न सका । पूंछ बैठा कि ऐ चिड़िया तूने क्या सिखाया इन बच्चों को रात भर । बोली भाई कहानी सुनाई । उड़ान की कहानी । कहानी से सीख सिखाई । सिखाया कि आज़ाद उड़ना, मन से उड़ना, ऊंचे उड़ना, दूर तक उड़ना । अच्छा बुरा पहचानना । बुरे से दूर रहना । अच्छे के पास जाना । खुश रहना । तुम्हारी उड़ान से मुझे ख़ुशी मिलेगी । तुम्हारी ख़ुशी से मुझे ख़ुशी मिलेगी ।

मैंने चिड़िया को बहुत बड़े होते देखा । उस चिड़िया में माँ को माँ से बड़ा होते देखा ।

सभी बच्चों, सभी युवा –
आप भी सफलता की उड़ान भरो, बहुत ऊंचाई तक, बहुत दूर तक.

उड़ान भरो.

 

सुख का मंत्र : आत्म निर्भर : Self Dependent :

जब मेरे बड़े मित्र भाई शर्मा जी, 65+, मिले तो बोले कि मैं आज कल बड़ा सुखी हूँ, मैंने बच्चों व बहुओ को बोल दिया है कि मैं अब self dependent हो गया हूँ । आप मेरी चिंता न करें । और मुस्कराने लगे ।

विनोदी स्वाभाव के डॉ. शर्मा जी, IIT मुंबई alumni, सिविल इंजीनियरिंग expert, की बात सुनकर मुस्कान आ गई और ज्ञान भी आ गया ।

युवा भी सेल्फ डिपेंडेंट बने और बड़े भी यथा संभव सेल्फ डिपेंडेंट रहें । अधिकतर समस्यायों की जड़ निर्भरता है, डिपेंडेंसी है । बदलते समय में  डिपेंडेंसी बोझ स्वरुपा हो चुकी है । वैसे तो हम सभी किसी न किसी पर निर्भर हैं, कोई नहीं तो प्रभु पर निर्भर हैं, फिर भी जितना हो सके उतना आत्म निर्भर होना चाहिए । इस में सुख भी है और सम्मान भी ।

आत्म निर्भर रहें । खुश रहें । सुखी रहें ।

सुखी रहने का मंत्र : बहुत तर्क मत करो

बहुत तर्क मत करो ।

तर्क से दुनिया नहीं चलती । प्यार से चलती है ।

तर्क से बचें । तर्क से दूर रहें । जब उसने कहा कि पृथ्वी गोल नही चौकोर है तो मैंने उससे तर्क नहीं किया । बात नहीं मानी, बस इतना कहा कि हो सकता है, किसने देखा, हो सकता है और शांत हो गया । मेरी FB बहन Meenakshi ने एक दिन बताया था कि जब दो लोगो की विचारधारा एक न हो तो किसी एक को चुप हो जाना चाहिए और चुप वही होगा जो समझदार होगा । जो शांत रहता है वो बुद्धिमान होता है ।

तर्क से दूर रहें ।

खुश रहें । सुखी रहें ।

After Graduation ?

Confusion: (Specially for 21+):

Most of students graduate at age 20-21. After graduation they are confused whether they should (1) do further higher studies like MBA, M.A, M.Sc, M.Com, M.Tech, MCA, P.G Diploma or (2) do job or (3) do both. 20% students decide that they will go for higher studies. Another 20% decide for job. Remaining 60% are confused.

Don’t be confused. Take firm decision. If studies then be careful. Be sure that you are willing for it and you need it. Don’t do MBA or any other master degree, just because your friends are doing it or everyone is doing it.  There are colleges who will call you with invitation or admission letter and say that you do MBA through them because they are expert in it. And their fees is just Rs. 5 lakh. Be sure that you are really interested to do it and it you really need it. Otherwise you will be loosing your parent’s hard earned money to these commercial professional colleges. Also be sure that you develop required knowledge and skills in your higher studies. There are thousands of MBA graduates who can hardly write an official letter. These are called over qualified because they don’t have knowledge and skills according to their degree. Such over qualified people find it most difficult to get jobs. So be sure that you learn and develop skills in higher studies.

If you decide for job then also decide whether Govt Job, or Pvt Job or Self Employment. Also decide the preferred field of your work like administration, marketing, operation, logistics, technical, maintenance … etc. Once you decide the area then you develop knowledge and skills in that area. e.g. if you decide logistics then study about it, develop required skills about it. Thereafter apply to companies in such area or contact them directly. If you apply to 100 companies then you will get response from 1. If you apply to 1000 companies then you will get response from 10.  So be conident and start applying to companies. You have internet, you have Google, you gave other resources, ….. and so start applying now.

You will get SUCCESS. Sure.

 

ग्रेजुएशन के बाद ?

उलझन : कंफ्यूजन : अब क्या करें ( विशेषतः 21+ के लिए )

20-21तक अधिकतर युवा ग्रेजुएशन की पढाई पूरी कर लेते हैं और उसके बाद की दिशा तय करने की उलझन में होते हैं । 20% तय कर चुके होते हैं कि आगे उन्हें मास्टर डिग्री की पढ़ाई करनी है जैसे की MBA, M.A, M.Sc, M.Com, M.Tech, MCA, P.G Diploma आदि. अन्य 20% युवा काम करना तय कर चुके होते हैं और उनमे आधे काम पा भी चुके होते हैं । 60% युवा उलझन की स्थिति में होते हैं ।

उलझन में न रहें । आगे का रास्ता तय करें । पहले तय करें कि आगे पढ़ाई करनी है या नहीं । अलग अलग विचार हो सकते हैं । मेरा विचार है कि मन हो और जरुरी हो तभी इस दिशा में आगे जाएं । कॉलेज वाले तो आप को बुलाएंगे ही । आइए हमारे कॉलेज से MBA कीजिए । फीस मात्र 5 लाख । पर हो सकता है कि यह आप की जरुरत न हो और वो लोग आप के माँ बाप की सारी जमा पूंजी लें जाएं । इसलिए सावधानी जरुरी है । एक दूसरा खतरा भी है, जो कम लोग समझते हैं । अपनी क्षमता से अधिक ज्ञानी, over qualified, होने का डर । आजकल समाज में ऐसे अनगिनत MBA या दूसरी मास्टर डिग्री धारक हैं जिन्हें एक letter या नोटिस तक लिखना नहीं आता, बाकी बातें बाद की । ऐसे लोग over qualified कहलाए जाते हैं और इन्हें नौकरी मिलने में सबसे जादा परेशानी होती है । इसलिए आगे पढ़ें पर अगर मन हो और जरुरत हो और लगन भी हो । एक बार तय कर लिया तो जी जान लगा कर आगे बढ़ें । पीछे मुड़ कर न देखें ।

अगर आगे पढ़ने का मन नहीं है या जरुरत नहीं है तो दूसरा विकल्प सोचें । काम करना है या आराम करना है ? काम करना है तो कौन सा काम करना है ? अपना रोजगार या व्यवसाय या इंडस्ट्री या अपना प्रोजेक्ट करना है ? या फिर नौकरी करनी है ? अगर नौकरी तय किया तो यह भी तय कीजिए कि सरकारी और केवल सरकारी या फिर प्राइवेट भी हो सकती है या केवल गैर सरकारी । मन बनाइए और उसके मुताबिक आगे का रास्ता सोचिए । यह भी सोचिए कि कौन सी नौकरी -जैसे कि एडमिनिस्ट्रेशन, मार्केटिंग, फाइनेंस, टेकनिकल, ऑपरेशन, लोजिस्टिक, प्रोडक्शन, मैन्टेनेंस …… आदि । यह सोचना और तय करना जरुरी है । उसी के मुताबिक आगे की तैयारी होगी । जैसे कि अगर आपने लोजिस्टिक सोचा तो अब इसके बारे में पढ़िए, मालूमात हाशिल कीजिए, जरुरी कला कुशलता हाशिल कीजिए. Skills develop कीजिए । और फिर मैदान में उतरिए । इससे संबंधित नौकरियों के लिए आवेदन कीजिए । अगर कॉन्फिडेंस है तो सीधे संपर्क कीजिए । जब आप 100 जगह ऐसा करेंगे तो 1 जगह रास्ता खुल जाएगा । जब आप 1000 जगह करेंगे तो 10 जगह रास्ते खुल जाएंगे । आप के पास इंटरनेट है, फोन है, गूगल है, साधन हैं, प्रयास करना चालू कर दीजिए ।

सफलता मिलेगी । अवश्य ।